रेणुकाजी बांध बहुद्देशीय परियोजना के एक अनुबंध पर कल छह राज्य- दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास, गंगा संरक्षण, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा शिपिंग मंत्री श्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में हस्ताक्षर करेंगे। इस अवसर पर सभी छह मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा हाइब्रिड अन्यूइटी मोड और एक शहर एक परिचालक अवधारणा के तहत प्रयागराज शहर के लिए नमामि गंगे परियोजनाओं के लिए रियायत अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। प्रयागराज अनुबंध पर उत्तर प्रदेश जल निगम, एनएमसीजी और प्रयागराज वाटर प्राइवेट लिमिटेड के बीच हस्ताक्षर होंगे।
      रेणुकाजी बहुद्देशीय परियोजनाः
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी यमुना बेसिन के पहाड़ी क्षेत्रों में यमुना और इसकी दो सहायक नदियों- टोंस और गिरि नदियों पर तीन भंडारण परियोजनाओं का निर्माण करने का प्रस्ताव किया गया है। इन परियोजनाओं में उत्तराखंड में यमुना नदी पर लखवार परियोजना तथा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में टोंस नदी पर किसाउ परियोजना और हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर रेणुकाजी परियोजना शामिल हैं।
इन तीनों परियोजनाओं की वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजनाओं के रूप में पहचान की गई थी जिसके तहत सिंचाई और पेयजल घटक की लागत का 90 प्रतिशत वित्त पोषण भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सहायता के रूप में और सिंचाई और पेयजल घटक की बाकी 10 प्रतिशत लागत लाभार्थी राज्य द्वारा वहन की जाएगी।
इसके साथ-साथ बेसिन राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के मध्य लखवार एमपीपी की लागत और लाभों को साझा करने के संबंध में एक अनुबंध पर इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने 28 अगस्त, 2018 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए थे। ये हस्ताक्षर केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में किए गए थे। रेणुकाजी बांध परियोजना के कार्यान्वयन के लिए इसी प्रकार के अनुबंध पर कल हस्ताक्षर करने का कार्यक्रम है।       
Share To:

News For Bharat

Post A Comment:

0 comments so far,add yours