केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेलाके 27वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए श्री जावड़ेकर ने कहा कि किताबें और संस्कृति एक दूसरे के पूरक हैं। बढ़ते हुए डिजिटलीकरण के बावजूद किताबों की मांग कम नहीं हुई है। भारत में किताबें पढ़ने की संस्कृति प्रतिदिन बढ़ ही रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की यही खूबसूरती है। श्री जावड़ेकर ने कहा कि व्यक्ति की जिंदगी किताबों की वजह से समृद्ध होती हैरुपयों की वजह से नहीं क्योंकि किताबें सबसे ज्यादा कीमती होती हैं।


इस साल के पुस्तक मेले के विशिष्ट अतिथि शाहजाह का स्वागत करते हुए श्री जावड़ेकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच के संबंध बहुत पुराने हैं। उन्होंने कहा कि शाहजाह लाखों भारतीयों के लिए घर से दूर एक घर है।

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिखी पुस्तक 'एग्जाम वॉरियर्स'  शारजाह के सरकारी संबंध विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमान शेख़ फाहिम बिन सुल्तान अल कासिमी को भेंट की और कहा कि अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद माननीय प्रधानमंत्री किताबें नियमित रूप से पढ़ते हैं।

इस पुस्तक मेले की थीम 'विशेष जरूरतों वाले पाठकों के लिए किताबेंकी प्रशंसा करते हुए श्री जावड़ेकर ने थीम पैवेलियन का भी उद्घाटन किया। बच्चों के पढ़ने की जरूरतों पर जोर के साथये थीम पैवेलियन समावेशी तौर पर सीखने के विचार को आगे ले जाएगा और पाठकों के लिए विषय वस्तु रचनेनिर्मित करने और प्रसारित करने के विभिन्न मसलों और दृष्टिकोणों को टटोलेगा। इस थीम पैवेलियन का मुख्य आकर्षण 500 किताबों की एक विशेष प्रदर्शनी है जिसमें ब्रेल किताबेंऑडियो किताबेंमूक किताबेंस्पर्श किताबेंएकीकृत प्रिंट-ब्रेल किताबेंदिव्यांगों के लिए किताबेंदेख व सुन नहीं सकने वाले बच्चों के लिए किताबेंऑटिस्टिक बच्चोंध्यान अभाव विकार (एडीएचडी) वाले बच्चों/पाठकों और व्यवहारजनित/मनोवैज्ञानिक समस्याओं/बेचैनियों वाले बच्चों के लिए किताबें शामिल हैं। इसके अलावा पहली बार एक अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगता (डिसेबिलिटी) फिल्म महोत्सव भी नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला में आयोजित किया जा रहा है जहां 27 देशों की 45 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्री फिल्में प्रतिदिन प्रदर्शित की जाएंगी।

इस अवसर पर बोलते हुए शारजाह के सरकारी संबंध विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष श्री शेख़ फाहिम बिन सुल्तान अल कासिमी ने दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्ते के बारे में बात की जो कई सदियों पुराना है और रोजाना और भी मजबूत होता जा रहा है।

शाहजाह पुस्तक प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अहमद बिन रक्काद अल अमेरी यहां विशिष्ट अतिथि थे। अखिल भारतीय अंध महासंघ के महासचिव और पद्मश्री से सम्मानित श्री जे एल कौल और शारजाह से लेखकों के प्रतिनिधि श्री हबीब योसेफ अबदल्ला अल सयेग भी इस मौके पर विशेष मेहमान थे।

राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के अध्यक्ष प्रोफेसर बलदेव भाई शर्मा ने स्वागत भाषण दिया और 1972 में शुरू हुए नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला को आयोजित करने समेत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने पुस्तक मेलोंप्रदर्शनियों और किताबों के जरिए देश में पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने के एनबीटी के काम के बारे में विस्तारपूर्वक बात की।

इस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान 'विशेष जरूरतों वाले पाठककी थीम पर आधारित एनबीटी कैलेंडर 2019शारजाह के शासक एचएच सुल्तान बिन मुहम्मद अल-कासिमी द्वारा लिखी व एनबीटी द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'बीबी फातिमा और उसके बेटेके हिंदी व अंग्रेजी संस्करण और एनबीटी द्वारा प्रकाशित ब्रेल किताबों की सूची पुस्तक को भी जारी किया गया।

इस थीम की मूल भावना को जीवंत करते हुए उद्घाटन के अंत में राष्ट्रगान को साइन लैंग्वेज में प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक श्री दीपक कुमार (आईएएस) और एनबीटी की निदेशक डॉ. रीता चौधरी भी मौजूद थे।
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