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पांच प्रतिष्ठित पर्यटन स्‍थलों के लिए मोबाइल ऑडियो गाइड ऐप विकसित करने के लिए सहमति पत्र पर समझौता

पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री के.जे. अल्‍फोंस ने आज नई दिल्‍ली में पांच प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों के लिए मोबाइल ऑडियो गाइड ऐप विकसित करने के लिए एडोप्ट  अ हैरिटेज’ परियोजना के तहत मेसर्स रेसबर्ड टेक्‍नोलॉजीज को सहमति पत्र सौंपा है। जिन पांच प्रतिष्ठित स्‍थलों के लिए मोबाइल ऑडियो गाइड ऐप विकसित किया जाना है,उनमें आमेर किला (राजस्‍थान)काजीरंगा (असम), कोलवा बिच (गोवा), कुमारकोम (केरल) और महाबोधि मंदिर (बिहार) शामिल हैं। श्री अल्‍फोंस ने कार्यक्रम के दौरान पर्यटन सचिव श्री योगेन्‍द्र त्रिपाठी की उपस्थिति में इस परियोजना के तहत विचार के लिए सात चयनित एजेंसियों को आशय पत्र सौंपे।

निम्‍नलिखित सात चयनित एजेंसियों को आशय पत्र सौंपे गये हैं।
  1. आलमपुर मंदिर, तेलंगाना के लिए मेसर्स मित्राह एनर्जी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  2. भीमबेटका रॉक शेल्‍टर्स,  मध्‍य प्रदेश के लिए मेसर्स एचएजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  3. देशभर में कम प्रचारित स्‍मारकों की फोटोग्राफी और दस्‍तावेज के लिए श्री अमित पसरीचा
  4. बौद्ध गुफाएंऊपरकोट, गुजरात और रानी की वाव, पाटन, गुजरात और चंपानेर, पावागढ़, पुरातात्त्विक पार्क, चंपानेर, गुजरात के लिए मेसर्स अक्षर ट्रैवल्‍स प्राइवेट लिमिटेड
  5. यूरोपीयाई समाधिनिकट कटरगाम दरवाजा, सूरत, गुजरात और लोथल, भाल, गुजरात के लिए मेसर्स डीएच पटेल एंड कंपनी (किंग्‍सफोक समूह)
  6. मध्‍य प्रदेश के खजुराहो स्‍मारक समूह और तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्‍मारक समूह के लिए मेसर्स डालमिया भारत प्राइवेट लिमिटेड
  7. मध्‍य प्रदेश में महाराजा छत्रसाल संग्रहालय परिषद के लिए मेसर्स क्‍वालिटी इंडिया टूअर्स  प्राइवेट लिमिटेड
इन एजेंसियों को विज़न बिडिंग’ की नवाचार अवधारणा के तहत स्‍मारक मित्र बनाया जाएगा, जिससे इन्‍हें अपनी सीएसआर (कंपनी के सामाजिक दायित्‍व) गतिविधियों को विरासत स्‍थलों से जोड़ने का मौका मिलेगा, बशर्तें इनके विजन बिडिंग का चयन हो जाए।
‘अडॉप्‍ट अ हैरिटेज : अपनी धरोहर, अपनी पहचान’ परियोजना पर्यटन मंत्रालय, संस्‍कृति मंत्रालय, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (एएसआई) और राज्‍य/केन्‍द्र शासित प्रदेश सरकारों के बीच एक सहयोगपूर्ण कोशिश है। इसका उद्देश्‍य सार्वजनिक कंपनियों, निजी क्षेत्र की कंपनियों कॉरपोरेट नागरिकों और आम लोगों को अपनी विरासत और पर्यटन की जिम्‍मेदारी लेने के लिए एक साथ जोड़ना है, ताकि ए.एस.आई/राज्‍य विरासत स्‍थलों और भारत के अन्‍य महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्‍थलों के विकास, संचालन और विश्‍व स्‍तरीय पर्यटन सुविधा के रखरखाव और सुविधाओं के जरिये इन्‍हें और अधिक टिकाऊ बनाया जा सके।
इस परियोजना में लाल किला, कुतुब मीनार, गांडिकोटा किला से लेकर स्‍टॉक कांगरी जैसे महत्‍वपूर्ण और कम प्रचारित विरासत स्‍थलों के लिए प्रोजेक्‍ट वेबसाइट पर 600 से अधिक पंजीकरणों के साथ लोगों ने इसमें बढ़-चढ़कर रूचि दिखाई थी। पर्यटन मंत्रालय इससे पहले पांच कार्यक्रमों के दौरान देशभर के 107 स्‍थलों में रूचि दिखाने के लिए 37 चयनित एजेंसियों को आशय पत्र सौंप चुका है। देशभर के विरासत और पर्यटन स्‍थलों के विकास, संचालन और पर्यटक सुविधाओं के रखरखाव के लिए अब तक विभिन्‍न स्‍मारक मित्रों के जरिये 10 समझौता पत्रों को पूरा किया जा चुका है।

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