राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने आज मुंबई में अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन द्वारा आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय स्वास्‍थ्‍य देखभाल शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया।


इस अवसर पर अपने संबोधन मेंराष्ट्रपति ने अमेरिका में भारतीय मूल के चिकित्‍सकों की व्यावसायिकता और उत्कृष्ट प्रतिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका ने नैदानिक अनुसंधानऔषधि खोज और निर्माण जैसे औषधीय क्षेत्रों में एक दूसरे के पूरक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देश जीवनशैली से जुड़े रोगों से निपटने के लिए संयुक्‍त रूप से काम कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि 'सभी के लिए स्वास्थ्यका लक्ष्य हमारे कार्यक्रमों और नीतियों का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने भारत सरकार की कई पहलों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्‍य देश में स्वास्थ्य सेवा को सभी नागरिकों के लिए अधिक समग्र और सस्ता बनाना है।

इससे पूर्व राष्ट्रपति ने शताब्दी समारोह मना रहे  मुंबई के योग संस्थान में अपना संबोधन भी दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि योग संपूर्ण मानवता से जुड़ा है और इसे किसी विशिष्ट समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। योग स्वस्थ जीवन जीने का एक साधन है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत द्वारा की गई पहल के कारणवैश्विक समुदाय की रूचि योग के प्रति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि योग, भारत की आंतरिक ऊर्जा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उदाहरण है।
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