राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति महामहिम शावकात मिर्जियोयेव का आज यहां राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया। श्री कोविंद ने उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन भी किया।

पहली बार भारत यात्रा पर आए उज्बेक राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि उन्होंने उज्बेकिस्तान के लोगों को एक अद्वितीय नेतृत्व प्रदान किया है और विदेशों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने के उनके प्रयास सराहनीय हैं। मध्य एशिया में आज एक नई गतिशीलता है और इस क्षेत्र में सहयोग की भावना लगातार विकसित हो रही है। मित्र होने के नाते भारत को उज्बेकिस्तान की उपलब्धियों पर गर्व हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद इस क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती है। हमारे लोगों की प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बहुत आवश्यक है। उन्हें इस बात को लेकर काफी खुशी है कि भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग तथा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
श्री कोविंद ने अफगानिस्तान में शांति और सामंजस्य स्थापित करने के उज्बेकिस्तान के प्रयासों की सरहाना की है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता की दिशा में समान सोच के साथ काम करने वाले देशों के साथ सहयोग करने के लिए भारत राजी है। राष्ट्रपति ने कहा कि उज्बेकिस्तान के साथ विकास के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भारत को गर्व है और उज्बेकिस्तान की सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए भारत ने 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक साझेदारी के निर्माण के लिए संपर्क बहुत जरूरी है।
श्री कोविंद ने अशगाबाद समझौते में भारत की सदस्यता का समर्थन करने के लिए उज्बेकिस्तान को धन्यवाद दिया। 
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