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रक्षामंत्री ने ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान आरंभ किया

‘स्वच्छता ही सेवा’ एक ऐसा मिशन है जिसने अस्वच्छता की हठीली बुराई के खिलाफ युद्ध लड़ने तथा एक स्वच्छ भारत सुनिश्चित करने के लिए पूरे भारत को एकजुट कर दिया है। खुले में शौच से मुक्ति, स्वच्छ भारत सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों के जरिए इस लड़ाई को एक नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।
‘स्वच्छता ही सेवा’ एक वर्ष भर चलने वाला अभियान है जो स्वच्छ भारत के एक हिस्से के रूप में 2018 में आरंभ हुआ है जिससे कि महात्मा गांधी की 150 जयंती मनाई जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को इस आंदोलन में भाग लेने के लिए उत्साहित किया जाए। इसने अस्वच्छता की हठीली बुराई के खिलाफ युद्ध लड़ने तथा एक स्वच्छ भारत सुनिश्चित करने के लिए पूरे भारत को एकजुट कर दिया है।

रक्षा मंत्रालय के तहत 62 कैंटोन बोर्डों ने 15 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2018 तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में सक्रियतापूर्व हिस्सा लिया। आज रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने दिल्ली कैंट में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में भाग लिया। रक्षा संपदा के उपमहानिदेशक श्री सुरेश नागर ने वहां उपस्थित 2000 से अधिक लोगों को स्वच्छता शपथ दिलाई। इस अवसर पर रक्षा संपदा की महानिदेशक श्रीमती दीपा बाजवा, रक्षा मंत्रालय में अपर सचिव श्री सुभाष चंद्रा, जीओसी दिल्ली एरिया लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री एवं रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, प्रेसिडेंट कैंटोनमेंट बोर्ड ब्रिगेडियर राजेश सचदेव, बोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट एवं नामित तथा निर्वाचित सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्रीमती सीतारमण ने भारत सरकार के पथ प्रदर्शक अभियान ‘स्वच्छता ही सेवा’ को आगे बढ़ाने के इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार द्वारा  2 अक्टूबर, 2014 को आरंभ किया गया सबसे बड़ा सार्वजनिक अभियान है जिसमें आम लोगों, सरकारी कर्मचारियों एवं छात्रों ने स्वेच्छा से अभियान के आरंभ से ही भाग लिया है। यह अभियान महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर विशेष रूप से आरंभ किया गया था जिससे कि स्वच्छ भारत के उनके स्वप्न को पूरा किया जा सके। गांधी जी ने कहा था कि ‘स्वच्छता स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण है।’ भारत सरकार बापू के इस विजन में विश्वास रखती है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 72 वर्षों के बाद भी और पर्यावरणगत स्वच्छता तथा व्यक्तिगत सफाई के बारे में कई जागरूकता कार्यक्रमों, जिन्हें भारत सरकार द्वारा पहले आरंभ किया गया था, के बावजूद स्वच्छता और सफाई के क्षेत्र में अधिक प्रगति अर्जित नहीं की जा सकी। इसलिए, महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के स्वप्न को पूरा करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान आरंभ किया गया।
उन्होंने रक्षा संपदा के महानिदेशक (डीजीडीई) को बधाई दी जिन्होंने भारत के कैंटों की सफाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीजीडीई के सतत प्रयासों से 62 कैंटो में से देशभर में फैले 61 कैंटों को खुले में शौच (ओडीएफ) से मुक्त कैंट का प्रमाण-पत्र मिल चुका है।
इस अवसर पर रक्षा संपदा की महानिदेशक श्रीमती दीपा बाजवा ने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ को स्वच्छता एवं जागरूकता मुहिम के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है जिसका उद्देश्य स्वच्छ भारत आंदोलन में आम भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।