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गृहमंत्री की अध्यक्षता में सरकार ने किसान यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ गहन विचार विमर्श किया

आज दिनांक 02 अक्टूबर, 2018 को केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में भारतीय किसान यूनियन द्वारा प्रस्तुत किए गए ज्ञापन में उठाए गए किसानों की समस्याओं के संबंध में गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्य चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह तथा श्री सुरेश राणा सहित सांसद श्री अनिल जैन उपस्थित थे। भारतीय किसान यूनियन तथा देश के विभिन्न किसान संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री धर्मेंद्र मलिक, श्री अजमेर सिंह लाखोवाल, श्री युद्धवीर सिंह, श्री बलराम लम्बरदार, श्री राजेश सिंह चौहान, श्री दीवानचंद चौधरी, श्री विजयपाल सिंह, श्री के. टी. गंगाधर, श्री राजपाल शर्मा, श्री अनिल तालान, श्री महेंद्र चरौली, श्री राजबीर सिंह जादौन, श्री रतन मान, श्री जगदीश सिंह, श्री के. शैल्ला मुथ्थु, श्री वीरेंद्र डागर, श्री पूरण सिंह, श्री संजय चौधरी, श्री सुखदेव सिंह गिल, श्री रामा स्वामी, श्री डेवीसन, श्री एम. राम, श्री के. वी. राजकुमार एवं श्री के. वी. एलनकिरन उपस्थित थे।

      लगभग तीन घंटे चली इस वार्ता के पश्चात किसानों की समस्याओं के प्रभावी रूप से निराकरण के संबंध में सरकार द्वारा निम्नलिखित कार्रवाई करने का निर्णय लिया गयाः-
  1. दस वर्ष से अधिक डीजल वाहनों के संचालन पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा लगाई गई रोक के विरूद्ध सरकार पुनर्विचार याचिका अतिशीघ्र दाखिल करेगी। राज्यों को भी समीचीन कार्रवाई करने के लिए सूचित किया जाएगा।
  2. मनरेगा को खेती से जोड़ने के लिए नीति आयोग के तत्वाधान में मुख्यमंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति गठित की जा चुकी है जो किसानों से आए सभी सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर रही है। उक्त समिति में किसानों के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाएगा।
  3. खेती में काम आने वाली वस्तुओं को जी0एस0टी0 के 5 प्रतिशत की दर में सम्मिलित करने के लिए यह विषय जी0एस0टी0 परिषद में शीघ्र ही उचित निर्णय के लिए रखा जाएगा।
  4. सरकार के बजट घोषणा के अनुसार उत्पादन लागत पर 50 प्रतिशत अधिक एम.एस.पी. घोषित करने के निर्णय का रबी फसलों में भी अनुपालन किया जाएगा और उसी के अनुसार सभी अधिसूचित फसलों पर इसकी घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही किसानों की खरीद की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य सरकारों को केन्द्र की तरफ से एडवाइजरी भेजी जाएगी जिससे कि उनकी सभी फसलों का उचित दाम सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  5. पर्याप्त पैदावार होने वाली फसलों के आयात को रोकने के लिए कानून सम्मत हर संभव प्रयास किया जाएगा। खरीद के लिए अनुमत अवधि को 90 दिन किया जाएगा।
  6. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन के संबंध में उठाये गये मुद्दों पर कृषि राज्यमंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति फसल बीमा योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजना के कार्यान्वयन में आ रही परेशानियों पर किसान संगठनों से विमर्श के उपरांत अपनी संस्तुति देगी जिस पर सरकार किसानों के हित में निर्णय लेगी।
  7. जंगली पशुओं द्वारा फसलों को हो रहे नुकसान के संबंध में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन करके इस जोखिम को योजना में पायलट आधार पर शामिल किया गया है। इससे आशा की जाती है कि पायलट में अनुभव के आधार पर सभी प्रभावित जिलों में लागू किया जा सकेगा।
गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई समझौता वार्ता के पश्चात केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह तथा श्री सुरेश राणा किसानों से वार्ता करने गए तथा चौधरी नरेश टिकैत एवं चौधरी राकेश टिकैत की उपस्थिति में भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी, किसान नेताओं तथा उपस्थित किसानों के साथ वार्ता हुई। वार्ता में किसानों और उनके प्रतिनिधियों ने अपनी बातें रखीं तथा उपस्थित सभी मंत्रियों ने किसानों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु समझौते में लिए गए निर्णय तथा मानी गई माँगों के संबंध में विस्तृत रूप से अवगत कराया।