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दूरी 423 किलोमीटर से घटकर 12.7 किलोमीटर हो जाएगी

      भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्‍ल्‍यूएआई) असम सरकार के सहयोग से मजूली द्वीप के लिए रोल ऑन – रोल ऑफ (रो-रो) सुविधा शुरू करेगी। असम के मुख्‍यमंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल 11 अक्‍टूबर, 2018 को नई रो-रो सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस रो-रो सुविधा के नदी मार्ग के इस्‍तेमाल से 423 किलोमीटर लंबे घुमावदार सड़क मार्ग की दूरी, घटकर केवल 12.7 किलोमीटर रह जाएगी। सड़क मार्ग के रास्‍ते ट्रकों को तेजपुर सड़क पुल के रास्‍ते नीमाती से मजूली द्वीप पहुंचना पड़ता है।

      आईडब्‍ल्‍यूएआई ने नई सेवा के लिए 9.46 करोड़ रुपये की लागत से एक नया जहाज एमवी भूपेन हजारिका खरीदा है और इसके लिए आवश्‍यक टर्मिनल प्रदान किया गया है। 46.5 मीटर लंबा,13.3 मीटर चौड़ा जहाज 8 ट्रक और 100 यात्रियों को ले जा सकता है। आईडब्‍ल्‍यूएआई ब्रह्मपुत्र नदी में इस्‍तेमाल के लिए कुछ और ऐसे रो-रो जहाज खरीदने की योजना बना रहा है।
      ब्रह्मपुत्र नदी स्थित मजूली द्वीप दुनिया के सबसे बड़े द्वीपों में से एक है और इसे संपर्क के मामले में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसमें 144 गांव हैं जिनकी आबादी 1,50,000 से अधिक है। मजूली द्वीप के लिए रो-रो सेवा की शुरुआत न केवल असम बल्कि समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र का संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक अनोखी घटना होगी। इस समय असम के दक्षिणी और उत्तरी भागों को जोड़ने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी में जोगीघोपा, गुवाहाटी, तेजपुर और सादिया में चार सड़क पुल हैं। नदी के किसी भी तरफ रहने वाले लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए विभिन्‍न स्‍थानों पर परम्‍परागत नौकाओं का इस्‍तेमाल करना पड़ता है। पर्याप्‍त संख्‍या में पुल, कार्गों और यात्रियों की आवाजाही के अभाव में लंबा रास्‍ता लेना पड़ता है जिससे समय और धन की बर्बादी होती है।
      इससे पहले आईडब्‍ल्‍यूएआई इसी तरह की रो-रो सेवा धुबरी और हतसिंगीमारी के बीच शुरू कर चुका है जिससे यात्रा की दूरी 190 किलोमीटर कम हो गई है। इसके लिए धुबरी में एक स्‍थायी रो-रो टर्मिनल का निर्माण किया गया है। ब्रह्मपुत्र नदी के 11 स्‍थानों पर तैरते हुए टर्मिनल बनाए गए हैं। ये हैं हतसिंगीमारी, धुबरी, जोगीघोपा, तेजपुर, सिलघाट, विश्‍वनाथ घाट, नीमाती, सेंगाजन, बोगीबील, डिब्रूगढ़/ओकलैंड और ओरिमघाट।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण मजूली द्वीप के लिए नई रो-रो सेवा शुरू करेगा

दूरी 423 किलोमीटर से घटकर 12.7 किलोमीटर हो जाएगी

      भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्‍ल्‍यूएआई) असम सरकार के सहयोग से मजूली द्वीप के लिए रोल ऑन – रोल ऑफ (रो-रो) सुविधा शुरू करेगी। असम के मुख्‍यमंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल 11 अक्‍टूबर, 2018 को नई रो-रो सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस रो-रो सुविधा के नदी मार्ग के इस्‍तेमाल से 423 किलोमीटर लंबे घुमावदार सड़क मार्ग की दूरी, घटकर केवल 12.7 किलोमीटर रह जाएगी। सड़क मार्ग के रास्‍ते ट्रकों को तेजपुर सड़क पुल के रास्‍ते नीमाती से मजूली द्वीप पहुंचना पड़ता है।

      आईडब्‍ल्‍यूएआई ने नई सेवा के लिए 9.46 करोड़ रुपये की लागत से एक नया जहाज एमवी भूपेन हजारिका खरीदा है और इसके लिए आवश्‍यक टर्मिनल प्रदान किया गया है। 46.5 मीटर लंबा,13.3 मीटर चौड़ा जहाज 8 ट्रक और 100 यात्रियों को ले जा सकता है। आईडब्‍ल्‍यूएआई ब्रह्मपुत्र नदी में इस्‍तेमाल के लिए कुछ और ऐसे रो-रो जहाज खरीदने की योजना बना रहा है।
      ब्रह्मपुत्र नदी स्थित मजूली द्वीप दुनिया के सबसे बड़े द्वीपों में से एक है और इसे संपर्क के मामले में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसमें 144 गांव हैं जिनकी आबादी 1,50,000 से अधिक है। मजूली द्वीप के लिए रो-रो सेवा की शुरुआत न केवल असम बल्कि समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र का संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक अनोखी घटना होगी। इस समय असम के दक्षिणी और उत्तरी भागों को जोड़ने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी में जोगीघोपा, गुवाहाटी, तेजपुर और सादिया में चार सड़क पुल हैं। नदी के किसी भी तरफ रहने वाले लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए विभिन्‍न स्‍थानों पर परम्‍परागत नौकाओं का इस्‍तेमाल करना पड़ता है। पर्याप्‍त संख्‍या में पुल, कार्गों और यात्रियों की आवाजाही के अभाव में लंबा रास्‍ता लेना पड़ता है जिससे समय और धन की बर्बादी होती है।
      इससे पहले आईडब्‍ल्‍यूएआई इसी तरह की रो-रो सेवा धुबरी और हतसिंगीमारी के बीच शुरू कर चुका है जिससे यात्रा की दूरी 190 किलोमीटर कम हो गई है। इसके लिए धुबरी में एक स्‍थायी रो-रो टर्मिनल का निर्माण किया गया है। ब्रह्मपुत्र नदी के 11 स्‍थानों पर तैरते हुए टर्मिनल बनाए गए हैं। ये हैं हतसिंगीमारी, धुबरी, जोगीघोपा, तेजपुर, सिलघाट, विश्‍वनाथ घाट, नीमाती, सेंगाजन, बोगीबील, डिब्रूगढ़/ओकलैंड और ओरिमघाट।