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रेल मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा ' का आयोजन किया


रेल मंत्रालय ने 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा ' के दौरान अपने पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा ' का आयोजन किया, इस दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों ने इसे शानदार सफलता दिलाई

रेल मंत्रालय ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में अपने पूरे नेटवर्क में 15 सितंबर से 2 अक्टूबर 2018 तक 'स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ाका आयोजन किया।
सभी रेलवे कर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिला कर इस पखवाड़े की शुरूआत की गई। इसके बाद, इस पखवाड़े की हर तारीख स्वच्छता से संबंधित विशेष विषय से जुड़ी थी। पूरे भारतीय रेल के नेटवर्क में स्वच्छ स्टेशनस्वच्छ ट्रेनस्वच्छ नीरस्वच्छ परिसरस्वच्छ समाजस्वच्छ जागरूकता के लिए दो-दो दिनों को समर्पित करने का प्रस्ताव किया गया था।
'पखवाड़ाके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए गए थे और भारतीय रेल की प्रत्येक इकाई में इन्हें परिपत्रित किया गया था। पूरे नेटवर्क ने इस 'पखवाड़े'  को बड़े प्रभावी तरीके से मनाया।
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान 100 किलोमीटर से भी अधिक रेलवे ट्रैक पर वृक्षारोपण किया गया। इस पखवाड़े के दौरान महात्मा गांधी से जुड़े 43 स्टेशनों और प्रतिष्ठित स्थानों तथा स्वर्ण त्रिभुज दिल्लीआगराजयपुर के 28 स्टेशनों की साफ-सफाई की गई। महात्मा गांधी से जुड़े रेलवे स्टेशनों की विषयगत रूप से पेंटिंग की गई। स्वच्छता लोगो और राष्ट्रीय ध्वज को 2 अक्टूबर2018 तक सभी रेलवे डिब्बों पर प्रदर्शित किया गया।
"स्वच्छता ही सेवा" पहल की शानदार सफलता के लिए सामाजिक मीडियानुक्कड़ नाटकऑडियो/वीडियो क्लिपों का उपयोग करके गहन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया ताकि यात्रियोंछात्रोंपरिवारोंपेंशनरोंस्वयं सहायता समूहों और अन्य हितधारकों को इसमें शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
उत्तरी रेलवे मेंरेल और कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 15 सितंबर2018 को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारियोंकर्मचारियों और अन्य लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाकर "स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा" की शुरूआत की। उन्होंने वहीं आयोजित श्रमदान में भी भाग लिया। बाद मेंश्री गोयल ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया और वहां आयोजित स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम में भाग लिया। स्वच्छता पखवाड़े के अन्य दिनों में उत्तर रेलवे के स्टेशनोंकार्यालयों और परिसरों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया।
मध्य रेलवे मेंकेवाईएन रेलवे स्कूल के अध्यापकों और छात्रों ने कालवा कार शेड और पूरी 12 डिब्बों की ईएमयू रेक को तिरंगे के रंगों में रंगा और स्वच्छता के बारे में लोगों की जागरूकता के लिए महात्मा गांधी की थीम को उद्धृत किया गया और संदेशों तथा स्वच्छता लोगो को प्रदर्शित किया गया।
मध्य रेलवे ने बेहतर रखरखाव वाले कार्यशालाओंशेडकोचिंग डिपोअस्पतालमुख्यालय कार्यालयोंमेल/ एक्सप्रेस रेक्स,नियंत्रण कार्यालयों और रेलवे कॉलोनियों आदि में स्वच्छता को बढ़ावा देने और हाउसकीपिंग पुरस्कारों के लिए क्षेत्रीय और मंडल स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया।

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पश्चिमी रेलवे में "स्वच्छता ही सेवा" पखवाड़ा के दौरान 28 सितंबर2018 का  विषय था "स्वच्छ नीर"जिसमें फ़िल्टर संयंत्रोंजल आपूर्ति के स्रोतोंपेयजल के लिए वाटरटेप्स, पानी बेचने की मशीनों, स्टेशनों पर लगे वाटर कूलरों और ट्रेनों के साथ-साथ कार्यालयोंरेलवे कॉलोनियोंअस्पतालोंस्वास्थ्य इकाइयों और स्कूलों के साथ-साथ रेलगाड़ियों में जल की आपूर्ति समेत सभी जल संस्थापनों की व्यापक जांच की गई। बारिश के पानी के संचयन और रिसाइक्लिंग संयंत्रों की स्थापना के प्रयासों को मजबूती प्रदान की गई। यात्रियों में स्वच्छता जागरूकता फैलाने के लिए स्वच्छता बैंड के स्वयंसेवकों और कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व पर जोर देने के लिए चर्चगेट और मुंबई सेंट्रल स्टेशनों पर रेलवे द्वारा पेपर-सोप वितरित किये गये।

पश्चिमी रेलवे ने 'स्वच्छ आहारदिवस का भी आयोजन किया। इस विषय का उद्देश्य इस विषय पर विशेष अभियान के तहत खानपान इकाइयों में साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण प्रदान करना है। सभी कैंटीनों और रेलों की पेंट्री कारों में व्यापक सफाई को उचित रूप से सुनिश्चित किया गया। भोजन के नमूने जांच हेतु लिए गए और यात्रियों को दिए गए भोजन की गुणवत्ता के बारे में प्रतिक्रिया ली गई।

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पूर्वी रेलवे मेंप्रभात फेरीनुक्कड़ नाटकवीडियो वॉलजन संबोधन प्रणालियों के माध्यम से सभी रेलवे स्टेशनोंकॉलोनियों,अस्पतालोंस्वास्थ्य इकाइयों आदि में बड़े पैमाने पर स्वच्छता जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। पूर्वी रेलवे में स्वच्छता पखवाड़ा की पूरी अवधि के दौरान लगभग 20,000 पौधे लगाए गए।
दक्षिण मध्य रेलवे मेंभारतीय रेलवे द्वारा पहली बार एक अभिनव प्रचार माध्यम का उपयोग करके स्वच्छता अभियान को व्यापक बढ़ावा दिया गया। पखवाड़े की गतिविधियों के हिस्से के रूप में जनता में जागरूकता पैदा करने के लिए सामाजिक/ जन जागरूकता विषय पर मोबाइल डिजिटल मूवी थिएटर के रूप में रेलवे द्वारा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
दक्षिणी रेलवे मेंएक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रतिष्ठित चेन्नई सेंट्रल स्टेशन के विरासत भवन को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) द्वारा ग्रीन रेलवे स्टेशन प्रमाणन से मान्यता प्रदान की गई। यह प्रमाणीकरण विभिन्न मानदंड़ो मुख्य रूप से ऊर्जा संरक्षण और उत्पादन वाटर रिसाइकिलिंग और अपशिष्ट निपटान के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया था।
पूर्व मध्य रेलवे मेंस्वच्छ पखवाड़ा के शुरू होने परपटना जंक्शन पर प्लास्टिक की बोतल क्रशिंग मशीन लगाई गई ताकि पानी और शीतल पेय की खाली बोतलों से छुटकारा मिल सके। इस प्रकार पटना जंक्शन बिहार का ऐसा पहला स्टेशन बन गया जहां बोतल क्रशिंग मशीन लगाई गई थी। स्वच्छता पखवाड़े के दौरानऐसी मशीन राजेंद्र नगरपटना साहिब,मुगलसराय और दरभंगा में भी लगाई गई हैं। स्टेशनों पर शौचालयों की स्वच्छता के बारे में यात्रियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए एक वाई-फाई आधारित पोर्टल "टॉयलेट फीडबैक सिस्टम" भी तैयार किया गया है। यात्रियों से प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
मेट्रो रेलवे, कोलकाता ने "स्वच्छ प्रसाधन दिवस" आयोजन के एक हिस्से के रूप में शहीद खुदीराम और नोपाड़ा मेट्रो स्टेशनों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए एक-एक शौचालय का उद्घाटन किया। इससे आम जनता और विशेष रूप से वृद्ध यात्रियों को बहुत सुविधा मिलेगी। अन्य दो स्टेशनों बेल्गाचियासोवाबाजार-सुतनुअरे पर शौचालय लगभग तैयार हैं और जल्द ही यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे।
इसके अलावाभारतीय रेलवे द्वारा सभी जोनडिवीजनउत्पादन इकाइयों, कार्यशालाओं और रेलवे के सभी सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों समेत पूरे भारतीय रेलवे नेटवर्क में स्वच्छता पखवाड़ा  मनाया जा रहा है। 'स्वच्छ भारतएक सतत मिशन है, जिसमें स्वच्छता के बारे में व्यवस्थित परिवर्तन लाने के प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। रेल गाड़ियों, रेलवे स्टेशनोंयार्डोंकार्यशालाओंकार्यालय परिसरों और रेलवे कॉलोनियों में स्वच्छता के बारे में सुधार लाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों से यह अभियान निरंतर प्रगति करेगा।