हाल में कुछ ऐसी अफवाहें फैलाई गईं कि बाइवेलन्ट ओरल पोलियो की दवा में कुछ वायरस पाए गए हैं।

    ऐसी अफवाहें उन खबरों के बाद फैली है जिसमें कहा गया है कि एक खास कम्पनी द्वारा आपूर्ति की गई पोलियो की दवा गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है। टीकाकरण कार्यक्रम में इस कम्पनी द्वारा सप्लाई की गई पोलियो की दवा का इस्तेमाल रोक दिया गया है साथ ही पहले आपूर्ति की जा चुकी उसकी दवा का सारा स्टॉक भी वापस ले लिया गया है।
        इस कम्पनी के अलावा दूसरी कई ऐसी दवा निर्माता कम्पनियां हैं जो पोलियो की दवा की आपूर्ति करती है। इन दवाओं की गुणवत्ता जांच की गई है और इन्हें तय मानकों के अनुरूप पाया गया है। यह सुनिश्चित करने के लिए बच्चों को सुरक्षित और प्रभावी पोलियो की दवा मिल सके इन कम्पनियों की दवा का टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल किया जा रहा है।
        पोलियो की दवा पूरी तरह सुरक्षित है। इसने पोलियो से होने वाली शारीरिक अपंगता से लाखों बच्चों को बचाया है। ऐसे में सभी को पोलियो से बचाव के लिए अपने बच्चों को यह दवा जरूर पिलानी चाहिए। भारत सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हो।
        भारत पिछले सात वर्ष से भी ज्यादा समय से पोलियो मुक्त हो चुका है हालांकि कुछ पड़ोसी देशों में पोलियो के कुछ मामले अभी भी देखे जा रहे है ऐसे में इस बीमारी के फिर से देश में आने के खतरे को देखते हुए उच्‍च प्रतिरक्षा बनाये रखने के प्रयासों के तहत पूरे देश में नियमित टीकाकरण के तहत सभी नवजात शिशुओं को बाइवेलन्ट ओरल पोलियो की दवा के साथ ही निष्क्रिय पोलियो वायरस टीका (आईपीवीभी उपलब्‍ध कराया गया है।
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