राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा अभियान ने 40 सदस्यीय टीम द्वारा एक महीने लंबा राफ्टिंग अभियान शुरु करने के लिये टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ भागीदारी की हैजिसका नेतृत्व माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली भारतीय महिला सुश्री बछेन्द्री पाल ने की। अभियान की शुरुआत बिजनौरफर्रुखाबादकानपुरइलाहाबादवाराणसी एवं बक्सर समेत आठ बड़े नगरों से होकर 1500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अक्टूबर को हरिद्वार से होगी । इसकी समाप्ति बिहार के पटना में 30 अक्टूबर को होगी ।

केंद्रीय जल संसाधननदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने वीडियो संदेश के माध्यम से टीम को संबोधित किया । उन्होंने कहा कि गंगा नदी की सफाई के लिये नमामि गंगे काफी परिश्रम कर रहा है । उन्होंने कहा कि, "अनेक परियोजनाएं जैसे अवजल अवसंरचनाघाटों की सफाईनदी की सतह की सफाई इत्यादि चल रही हैं एवं पूर्ण होने की विभिन्न स्थितियों में हैं । किन्तु इन प्रयासों को हम सभी की सहायता की दरकार है । इसलिए जनता की भागीदारी नमामि गंगे कार्यक्रम के प्रमुख घटकों में से एक है एवं राफ्टिंग अभियान से भी स्थानीय स्तर पर गंगा चौपाल एवं स्थानीय निवासियों से अभियान की टीम की बातचीत के ज़रिए जागरूकता के प्रसार में मदद मिलेगी ।"
इस अवसर पर बोलते हुए एनएमसीजी के महानिदेशक श्री राजीव रंजन मिश्रा ने कहा: "एक महीने लंबे अभियान के दौरान टीम सभी प्रमुख स्थानों पर रुकेगी एवं एनएमसीजी के हिस्सेदारों जैसे गंगा विचार मंचगंगा प्रहरीज़िला गंगा समितियों,स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं एवं हर क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ समन्वय से सफाई कार्य चलाएगी । छात्रों को गंगा की सफाई के प्रति संवेदनशील बनाने के लिये जागरूकता अभियान शुरू किए जाएंगे । अलग अलग वर्गों में संवाद क़ायम करने के लिये गंगा के साथ साथ गंगा चौपाल जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे ।"
टीएसएएफ मुखिया एवं "मिशन गंगेअभियान की नेत्री सुश्री बछेन्द्री पाल ने कहा: "हमारा अभियान भारत सरकार के नमामि गंगे अभियान से प्रेरित हैजो हमारे देश के लाखों लोगों के जीवन का आधार  गंगा नदी की सफाई के लिये एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है । हमारे अभियान का उद्देश्य जहां तक संभव हो आधिकाधिक लोगों तक पहुंचना हैइस महान नदी को स्वच्छ रखने के लिये जागरूकता में बढ़ोतरी करना एवं चार वर्ष पहले प्रारंभ अभियान को आमजन का अभियान बनाना है ।"
चालीस सदस्यों के इस अभियान दल में अनेक प्रशिक्षित पर्वतारोही हैं । इनमें से सात ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की है । इसके अलावा विभिन्न पृष्ठभूमियों जैसे इंजीनियरिंगपर्यावरणविदविज्ञान इत्यादि से संबंधित पेशेवर इस अभियान दल का हिस्सा हैं जो अभियान के दौरान आ सकने वाली सभी चुनौतियों से निपटने के लिये तैयार हैं । नगरों में अपने निवास के दौरान यह दल अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित एवं सम्मिलित कर घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाएगा ।
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