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भारत को मिला सीएपीएएम पुरस्कार, 2018

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत आने वाला प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग (डीएआरपीजी), कॉमनवेल्थ एसोसिएशन फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट (सीएपीएएम) का एक संस्थागत सदस्य है, जो एक गैर लाभकारी संगठन है और 50 से ज्यादा देशों के 1100 से ज्यादा वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सरकार के प्रमुखों, अग्रणी शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का प्रतिनिधित्व करता है।

संगठन का दिशा-निर्देशन ऐसी अंतरराष्ट्रीय शख्सियतों द्वारा किया जा रहा है, जो राष्ट्रमंडल के देशों के नागरिकों की बेहतरी के लिए नेटवर्किंग, जानकारियों के आदान-प्रदान और सुशासन के महत्व को समझते हैं। सीएपीएएम वर्ष 1998 से अपने द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय नवाचार पुरस्कारों (आईआईए) कार्यक्रम की घोषणा करता आ रहा है।
प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के सचिव श्री के. वी. इयापेन 23 अक्टूबर, 2018 को जॉर्जटाउन, गुयाना में सालाना आम सदस्य सभा में कॉमनवेल्थ एसोसिएशन फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट (सीएपीएएम) के बोर्ड के लिए चुना गया। सम्मेलन के दौरान सीएपीएएम नवाचार पुरस्कारों की घोषणा भी की गई। भारत सरकार ने सीएपीएएम अंतरराष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार, 2017 के लिए विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत प्रविष्टियां भेजी हैं।
सीएपीएएम पुरस्कार के माध्यम से जन सेवा में नवाचार की भावना से काम करने वाले ऐसे संगठनों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने सरकारी सेवा में सुशासन और सेवाओं में सुधार के लिए अहम योगदान किया है।

बिहार के बांका जिले में तकनीक के इस्तेमाल शिक्षा में बदलाव की योजना उन्नयन बांका को अभिनव ऊष्मायन(इनोवेशन इनक्यूबेशन) श्रेणी में सम्मानित किया गया। उन्नयन बांका ऐसी पहल है जो आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से वंचित तबकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहन देती है। यह शिक्षा से रोजगारपरकता तक युवाओं के समग्र विकास का बेहतरीन मॉडल है।
इसके अलावा कर्नाटक सरकार के सहकारिता विभाग के एकीकृत कृषि बाजार की पहल को भी सरकारी सेवा प्रबंधन में नवाचार श्रेणी में चयनित किया गया। इस पहल को सीएपीएएम पुरस्कार, 2018 के समग्र स्वर्ण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।