प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय आर्थिक समिति ने विनिवेश नीति का अनुसरण करते हुए आईटीसी की संपत्तियों/इकाइयों/ संयुक्त उद्यमों का आगे विनिवेश की मंजूरी दे दी है। यह विनिवेश  होटल गुलमर्ग अशोक, गुलमर्ग तथा होटल पाटलिपुत्र अशोक , पटना की अधूरी परियोजनाओं को क्रमशः जम्मू और कश्मीर तथा बिहार की सरकारों को हस्तांतरित (विनिवेश) करके किया जाएगा।


भारत सरकार की विनिवेश नीति के अनुसार भारतीय पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (आईटीडीसी) के होटलों/संपत्तियों/इकाईयों/संयुक्‍त उद्यमों को पट्टे/उपपट्टे पर राज्‍य सरकारों को देना का निर्णय लिया गया था। पट्टे/उपपट्टे के प्रस्‍ताव पर राज्‍य सरकारों की सहमति न होने की स्थिति में संपत्तियों को अधिकारिक अंकित मूल्‍य पर राज्‍य सरकारों को वापस देने के प्रस्‍ताव को भी स्‍वीकृत किया गया था। यह नीति इस बात को ध्‍यान में रखकर बनाई गई थी कि पेशेवर तरीके से होटलों को चलाना और उनका प्रबंधन करना सरकार या उसकी कंपनियों का काम नहीं है।
भारत सरकार की विनिवेश नीति के अनुपालन और मंत्रिमंडलीय आर्थिक समिति की स्‍वीकृति के साथ अंतर-मंत्रालय समूह (आईएमजी) तथा पर्यटन मंत्रालय आईटीडीसी ने होटल लेक व्‍यू अशोक, भोपाल, होटल ब्रम्‍हपुत्र अशोक गुहावटी, होटल भरतपुर अशोक भरतपुर, होटल जनपथ, नई दिल्‍ली की संपत्तियों/इकाईयों/संयुक्‍त उद्यमों को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को हस्‍तांतरित कर दिया है। होटल ललिता महल पैलेस मैसूर, होटल दोनई पोलो अशोक, ईटानगर तथा होटल जयपुर अशोक, जयपुर की संपत्तियों/इकाईयों/संयुक्‍त उद्यमों को संबंधित राज्‍य सरकारों को हस्तांतरित कर दिया है।
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