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विश्‍व पर्यावरण दिवस 2018

भारतीय नौसेना विश्‍व पर्यावरण दिवस पर अपने हरित पहल कार्यक्रमों के चार वर्ष पूरा कर रही है। भारतीय नौसेना ने पर्यावरण हितैषी और ऊर्जा दक्ष प्रणाली की दिशा में कई नीतियां बनाकर लागू की है। इसके परिणामस्‍वरूप सभी नौसैनिक अड्डों पर बेहतर परिणाम हासिल हुये हैं। नौसेना ने ‘भारतीय नौसेना पर्यावरण संरक्षण रोड़मैप’ को अपनाया है,  जिसके तहत नौसेना अपनी समुद्री क्षमताओं में पर्यावरण को ध्‍यान रखते हुए वृद्धि कर रही है।

शून्‍य कार्बन के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के उद्देश्‍य से पर्यावरण हितैषी तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। नौसेना ने अपने कार्यालयों को पेपर लैस बनाने की दिशा में कई कदम उठाये है। कागज की खपत को कम करने के उद्देश्‍य को हासिल करने के लिए सूचना तकनीक की मदद से डिजिटल तौर तरीके अपनाये जा रहे है। नौसेना ने 16,000 की संख्‍या में वृक्षारोपण किया है, जिससे अनुमानित तौर पर 324 टन कार्बन डाई ऑक्‍साइड कम होगी। नौसैनिक अड्डो पर ऊर्जा की खपत कम हो, इसके लिए समय-समय पर ऑडिट की जा रही है। नौसेना के एक बेहद महत्‍वपूर्ण अड्डे पर पिछले वित्‍त वर्ष की तुलना में 11 फीसदी ऊर्जा की खपत कम हुई है। नौसेना विश्‍व पर्यावरण दिवस 2018 को ‘बीट प्‍लास्टिक पोल्‍यूशन’ यानी प्‍लास्टिक से होने वाले कचरे को समाप्‍त करना थीम के साथ मना रही है। नौसेना ने अपनी 95 फीसदी स्‍ट्रीट लाइटों को एलईडी लाइट से बदल दिया है। 21 मेगावॉट की सौर परियोजनाओं पर काम चल रहा है। केन्‍द्र सरकार के जवाहरलाल नेहरू राष्‍ट्रीय सौर मिशन के तहत 2022 तक 100 गीगावॉट सौर ऊर्जा के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने की दिशा में नौसेना भी सराहनीय योगदान दे रही है।