संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के संग्रहालय और सांस्कृतिक स्थलों का विकास ने अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाने के लिए आज एक वेबिनार की मेजबानी की और महामारी के बाद के भारत में स्थायी सांस्कृतिक संगठनों के गठन के लिए बातचीत की शुरूआत की। वेबिनार में संग्रहालय और सांस्कृतिक स्थल के डोमेन के कुछ सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों जैसे कि म्यूजियम ऑफ़ आर्ट एंड फ़ोटोग्राफ़ी (एमएपी), बेंगलुरु के संस्थापक ट्रस्टी श्री अभिषेक पोद्दार, कोच्चि बिनाले फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री बोस कृष्णामाचारी, क्‍यूजियम के संस्थापक और सीईओ श्री ब्रेंडन सीको, टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक श्री संजय के रॉय और संस्कृति मंत्रालय में संग्रहालय और सांस्कृतिक स्थानों के सीईओ श्री राघवेन्द्र सिंह ने हिस्‍सा लिया।


कोविड-19 महामारी के सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक अप्रत्‍यक्ष परिणाम होंगे। भारतीय और वैश्विक स्‍तर के अग्रणी सांस्कृतिक संस्थानों, रचनात्मक व्यवसायों, स्टार्टअप, नीति निर्माताओं और मीडिया के लिए आयोजित, वेबिनार के विशेषज्ञों ने संस्कृति और रचनात्मक उद्योग के लिए आगे बढ़ने के तरीके पर चर्चा की।

वेबिनार के उद्देश्य के बारे में बात करते हुए वेबिनार सचिव और संस्कृति मंत्रालय में सीईओ डीएमसीएस, श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि इसका उद्देश्य संभावित नीतिगत कार्यों की पहचान करना है जो संग्रहालयों, सांस्कृतिक स्थलों और व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के संकट के लघु और दीर्घकालिक प्रभावों को कम करने में मदद करेंगे।

वेबिनार के दौरान चर्चा में महामारी के बाद पारिस्थितिकी तंत्र में संग्रहालयों और सांस्कृतिक स्थानों के संदर्भ में प्रभाव, नवाचारों और बाद के संकट की योजना जैसे विषयों को छुआ गया। नये विषय म्यूजियो-प्रीन्‍योर्स पर भी यह देखने के लिए चर्चा की गई कि संग्रहालय किस तरह से उद्यमशीलता की भावना को गले लगा सकते हैं और स्‍थायी व्‍यावसायिक मॉडल पर काम कर सकते हैं। चर्चा के सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक सांस्कृतिक स्थलों की नये सिरे से कल्‍पना करना तथा सांस्कृतिक विरासत के सामाजिक और आर्थिक मूल्यों का अधिकतम लाभ उठाना और स्थानीय दर्शकों और पर्यटकों को जोड़ने के लिए क्षमता निर्माण के लिए नवीन विचारों का परिचय देना था।

श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि चर्चा के आधार पर हम पॉलिसी पेपर तैयार करेंगे और हम आपस में चर्चा करेंगे और जो भी व्यावहारिक और संभव है उस पर सहमति प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि हम इसे निजी और कॉरपोरेट क्षेत्र के हितधारकों के लिए फिर से लाएंगे और उनके साथ परियोजना वार चर्चा करेंगे। उन्‍होंने आशा व्यक्त की कि कुछ मामलों पर आपसी समझौता होगा और उन मामलों को ऑन-बोर्ड किया जाएगा और फिर निष्पादित किया जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन (एनईजीडी) ने इस वेबिनार के संचालन के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करके डीएमसीएस, संस्कृति मंत्रालय को सहयोग दिया है।

वेबिनार का सीधा प्रसारण किया गया था

• डीएमसीएस फेसबुक पेज: www.facebook.com/dmcs2020

• डीएमसीएस यूट्यूब चैनल: https: //bit.ly/366Vqrn



केन्द्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने 17 मई को नई दिल्ली में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई पहल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मानव पूंजी में निवेश राष्ट्र की उत्पादकता और समृद्धि में निवेश के समान है। मौजूदा महामारी देश की शिक्षा प्रणाली के लिए नई चुनौतियों के साथ कई अवसर भी लेकर आई है।


श्रीमती सीतारामन ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र ने इस अवसर को अभिनव पाठ्यक्रम तैयार करने, कमियों को पाटने पर ज्यादा ध्यान केन्द्रित करने,अधिक समावेशी होने तथा हर चरण में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढावा देते हुए मानव पूंजी में निवेश के लक्ष्य के साथ एक नए युग में प्रवेश की योजना बनाई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार सभी के लिए समान रूप से शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देशभर में सभी भौगोलिक क्षेत्रों यहां तक की दूर दराज के इलाकों में भी छात्रों को सभी स्तर की शिक्षा की सुविधा मिल सके।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के लिए की गई पहलों के लिए वित्त मंत्री को भी धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि इससे शिक्षा प्रणाली में आमूल बदलाव आएंगे, जिससे देश में छात्रों का समग्र विकास हो सकेगा

 

 

 



श्री पोखरियाल ने कहा "एक राष्ट्र, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म" और "एक कक्षा एक चैनल" यह सुनिश्चित करेंगे कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री देश के दूर-दराज के इलाकों में मौजूद छात्रों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह पहल देश में सब तक समान रुप से शिक्षा की पहुंच को बढ़ावा देगी और आने वाले समय में स्कूलों में नामाकंन के अनुपात में सुधार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए भी उचित व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है और ये उपाय नए भारत के निर्माण में एक नए प्रतिमान स्थापित करेंगे।



वित्त मंत्री ने इस दिशा में निम्नलिखित पहलों की घोषणा की:
पीएम ई-विद्या नाम से एक व्यापक पहल शुरू की जाएगी जो डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एक साथ जोडगी। यह शिक्षा के लिए वैकल्पिक पहुंच उपलब्ध कराएगा। इसमें दीक्षा (एक राष्ट्र-एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म) जो सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता ई-सामग्री प्रदान करने के लिए देश का डिजिटल बुनियादी ढांचा बन जाएगा; टीवी (एक कक्षा-एक चैनल) जहां कक्षा 1 से 12 तक प्रत्येक छात्र के लिए प्रति ग्रेड एक समर्पित चैनल होगा जो गुणवत्ता युक्त शैक्षिक सामग्री तक पहुंच प्रदान करेगा: स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए एमओओसीएस प्रारूप में स्वयंम ऑनलाइन पाठ्यक्रम; आईआईटीजेई/नीट की तैयारी के लिए आईआईटीपीएएल; सामुदायिक रेडियो और सीबीएसई शिक्षा वाणी के माध्यम से ब्राडकास्ट; और डिजिटल रूप से सुगम्य सूचना प्रणाली (डेसी) पर विकसित एनआईओएस वेबसाइट/यूट्यूब पर सांकेतिक भाषा में विकसित की गई अध्ययन सामग्री शामिल है। इससे देशभर के लगभग 25 करोड़ स्कूली बच्चों को फायदा होगा।
वैश्विक महामारी की मौजूदा स्थिति में, यह महत्वपूर्ण है कि हम छात्रों, शिक्षकों और उनके परिवारों को मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान करें। इस दिशा में मनोदर्पण पहल की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए एक वेबसाइट, एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर,काउंसलरों की राष्ट्रीय सूची, इंटरैक्टिव चैट प्लेटफॉर्म शुरु किया गया है। इस पहल से देश के सभी स्कूली बच्चों साथ उनके माता-पिता और शिक्षक भी लाभान्वित होंगे।
सरकार खुली, दूरी और ऑनलाइन शिक्षा नियामक ढांचे को उदार बनाकर उच्च शिक्षा में ई-लर्निंग का विस्तार कर रही है। शीर्ष 100विश्वविद्यालय ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करेंगे। साथ ही, पारंपरिक विश्वविद्यालयों और ओडीएल कार्यक्रमों में ऑनलाइन घटक भी वर्तमान20% से बढ़ाकर 40% किया जाएगा। यह विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लगभग 7 करोड़ छात्रों को सीखने के अवसर प्रदान करेगा।


सीखने पर ध्यान केंद्रित करने वाले छात्रों के लिए अनुभवनात्मक और सहज सीखने की प्रक्रिया के साथ-साथ उनमें रचनात्मक सोच और कौशल को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम में भारतीय लोकाचार और मूल्य निहित होने चाहिए तथा उसे वैश्विक स्तर पर आवश्यक कौशल के अनुरुप ढाला जाना चाहिए। इसलिए, वैश्विक बेंचमार्क के अनुरुप ही छात्रों और शिक्षकों के भविष्य के लिए एक नयाराष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया गया है।


देश में प्रत्येक बच्चे तक ग्रेड 3 में साक्षरता और न्यूमरेसी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय साक्षरता और न्यूमेरसी मिशन शुरू किया जाएगा। इसके लिए, शिक्षकों में क्षमता निर्माण, एक मजबूत पाठ्यक्रम ढांचा, सीखने की सामग्री को आकर्षक बनाने- ऑनलाइन और ऑफलाइन, सीखने के परिणामों और उनके माप सूचकांकों, मूल्यांकन तकनीकों तथा सीखने की प्रगति पर नज़र रखने जैसे कार्यों को एक व्यवस्थित रूप दिया जाएगा। इस मिशन से 3 से 11 वर्ष के आयु वर्ग के लगभग 4 करोड़ बच्चे लाभान्वित होंगे।


उपराष्ट्रपति तथा राज्य सभा के सभापति श्री एम वेंकैया नायडू ने आज लोगों से नई जीवन शैली अपनाने का आग्रह किया और कोरोना संक्रमण के अभी तक के अनुभवों से सीख लेते हुए, इस वायरस का सामना करने के लिए 12 सूत्रीय नव नॉर्मल प्रतिपादित किए। इन आशंकाओं के बीच कि हमें इस वायरस के साथ उम्मीद से अधिक समय तक रहना पड़ सकता है, उन्होंने जीवन और मानवता के प्रति नया दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया।


कल रात लॉक डाउन 4.0 की घोषणा के बाद श्री नायडू ने, कोविड 19 संक्रमण द्वारा उठाए गए गभीर वैचारिक और नैतिक प्रश्नों पर एक विस्तृत फेसबुक पोस्ट लिखा जिसमें भावी जीवनशैली पर विमर्श किया गया है। लॉक डाउन 4.0 में पर्याप्त ढील दी गई है। श्री नायडू का विचार है कि जीवन को अलग थलग अकेले नहीं जिया जा सकता, इस संक्रमण ने हमारी आपसी निर्भरता को रेखांकित किया है। उनका कहना है कि " जो चीज कहीं किसी एक व्यक्ति को प्रभावित करती है वो सबको, सभी जगह प्रभावित करेगी, चाहे वह बीमारी हो या अर्थव्यवस्था"।

कोरोना से पूर्व, मानव प्रवृत्ति की चर्चा करते हुए श्री नायडू ने लिखा कि भौतिक सुखों और उपभोग की अंधी दौड़ में मनुष्य अकेला बन गया था। परिवार और समाज उसके लिए बंधन मात्र थे। उसका आत्मविश्वास अभिमान की सीमा तक बढ़ गया था जिसने उसे यकीन दिला दिया था कि दूसरों के जीवन को नजरंदाज करके भी, वह अकेले सिर्फ अपने लिए ही जी सकता है। उन्होंने लिखा है "पहले की महामारियों की तुलना में जीन एडिटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डाटा आदि कहीं बेहतर तकनीकों से लैस आज का मानव भगवान बनने की कोशिश कर रहा था।"

कोरोना के बाद के जीवन पर टिप्पणी करते हुए श्री नायडू ने लिखा है कि खुद के लिए जीने वाले मानव की आत्मकेंद्रित जीवनशैली को इस वायरस ने हिला कर रख दिया है। प्रकृति और अखिल मानवता के साथ जीने की आवश्यकता को उजागर किया है। उन्होंने लिखा है कि इस अदृश्य जीवाणु ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जीवन बड़ी तेज़ी से बदल भी सकता है। उसने जीवन की अनिश्चितताओं को सामने ला खड़ा किया है।

उपराष्ट्रपति का विचार है कि इस महामारी ने जीवन के अर्थ और उद्देश्य को ले कर सवाल उठाए हैं, सहचर जीव जंतुओं से हमारे रिश्ते कैसे हों, वर्तमान विकास नीति का प्राकृतिक परिवेश तथा समावेशी सामाजिक विकास की अवधारणा पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इस विषय गंभीर नैतिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि " इस वायरस ने समाज में विकास के साथ साथ पनपी गहरी आर्थिक विषमताओं को भी रेखांकित किया है। अनिश्चितताएं अभी भी मनुष्य को घेरे हैं। अनिश्चितता दुश्चिंताओं को जन्म देती है जो मनोवैज्ञानिक समस्याओं को जन्म देती है। इससे बचें कैसे? बचने के लिए शांत रहें, विश्वास रखें और समाज की नई सामान्यता, नए नॉर्मल को स्वीकार करें"

उन्होंने लिखा है कि हर सभ्यता का उद्देश्य मानव जीवन के अवसरों, उसकी संभावनाओं का संरक्षण और संवर्धन करना होता है। श्री नायडू ने लिखा है कि कोरोना सिर्फ व्यक्ति के निजी जीवन के लिए ही नहीं बल्कि सभ्यता के लिए भी चुनौती है। वर्तमान सभ्यता को बचाने के लिए नए मूल्य और मानदंड अपनाने होंगे।

श्री नायडू ने लिखा कि जीवन को अधिक समय तक बांधा नहीं जा सकता। उन्होंने गत रात्रि घोषित लॉक डाउन 4.0 में प्रस्तावित छूट का स्वागत किया। एचआईवी के विरुद्ध वैक्सीन के अभाव में भी, अपनी आदतों में सुधार ला कर लोगों द्वारा सामान्य जीवन जिए जाने का ज़िक्र करते हुए श्री नायडू ने इस वायरस के साथ जीवन जीने की स्थिति में, उसी प्रकार लोगों से अपनी जीवन शैली में बदलव लाने तथा प्रकृति और साथी नागरिकों के प्रति दृष्टिकोण बदलने का आग्रह किया।

श्री नायडू ने कोरोना काल में 12 सूत्री नव नॉर्मल प्रस्तावित किए हैं जैसे - प्रकृति और साथी नागरिकों के साथ सद्भाव पूर्वक रहना, यह समझना कि हमारे जीवन की सुरक्षा परस्पर हम सब पर निर्भर है, हर कदम या गतिविधि का संक्रमण के प्रसार पर क्या प्रभाव पड़ेगा इसका विवेकपूर्ण आंकलन करना, किसी स्थिति का सामना भावावेश में आकर नहीं बल्कि यह विश्वास रख कर करना कि विज्ञान और तकनीकी इसका समाधान ढूंढ ही लेंगे,हमारे व्यवहार में आए अच्छे परिवर्तनों जैसे मास्क पहनना, निजी स्वच्छता, सामाजिक दूरी को बनाए रखना, संक्रमित लोगों को जांच उपचार के लिए प्रेरित करने के लिए उनके विरुद्ध पूर्वाग्रह से बचना, आपने साथी नागरिकों को संक्रमण के लिए दोषी मानने वाले भ्रामक प्रचार से बचना और उसे समाप्त करना, चारों ओर व्याप्त निराशा की जगह हमारी साझा नियति और परस्पर निर्भरता पर विश्वास करना।

उपराष्ट्रपति ने हर वर्ग के मीडिया से भी आग्रह किया कि वे वायरस और बीमारी के बारे में सिर्फ प्रामाणिक और वैज्ञानिक सूचना का ही प्रसार करे। इसे किसी विप्लव या प्रलय के तौर पर न प्रचारित करें।

श्री नायडू ने लोगों से बदली हुई जीवन शैली के साथ सुरक्षित रहने का आह्वान किया।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने जीएसआर 298ई, दिनांक 15 मई 2020 को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन के लिए अधिसूचना जारी की है।अधिसूचनाके अनुसार यदि किसी वाहन में फास-टैग नहीं लगा है या वाहन वैध या कार्यात्मक फास-टैगकेबिना, शुल्क प्लाजा के "फास-टैग लेन" में प्रवेश करता है, तो वाहन को उस श्रेणी के वाहनों के लिए लागू शुल्क के दोगुने के बराबर शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा।

इस संशोधन से पहले, वाहन के उपयोगकर्ता को शुल्क प्लाजा पर केवल दो बार भुगतान करना पड़ता था, यदि वाहन में फास-टैगनहीं है और वाहन समर्पित फास-टैगलेन में प्रवेश कर गया है।

वित्त मंत्री की आज की घोषणाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मिलेगा प्रोत्साहन, करोड़ों गरीबों और प्रवासी कामगारों को उपलब्ध होंगे रोजगार : गृह मंत्री



केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज घोषित आर्थिक पैकेज के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, “आज की घोषणाएं आत्मनिर्भर भारत के विचार को साकार बनाने की दिशा में एक लंबा सफर तय करेंगी। ये स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाने वाले कदम साबित होंगे, जिनसे करोड़ों गरीबों को रोजगार मुहैया होगा।”

ग्रामीण भारत के लिए किए गए आवंटन पर बात करते हुए श्री शाह ने कहा, “मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 40,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन से न सिर्फ गरीब और प्रवासी कामगारों के लिए रोजगार पैदा करने में सहायता मिलेगी, बल्कि इससे टिकाऊ आजीविका संपदाएं भी तैयार होंगी।” उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आधारभूत ढांचे को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

गृह मंत्री ने कोविड-19 से निपटने में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि इस मामले में भारत ने कई विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाकर और सुधार के माध्यम से भविष्य में किसी भी महामारी के लिए भारत को तैयार करने का संकल्प लिया है। मोदी सरकार ने हर जिले में इंफेक्शस डिसीसेस हॉस्पिटल ब्लॉक (संक्रामक बीमारी अस्पताल खंड) तैयार करने, प्रयोगशाला नेटवर्क और निगरानी को मजबूत बनाने तथा शोध को प्रोत्साहन देने के लिए भारत के स्वास्थ्य खर्च को बढ़ाने का फैसला किया है। मुझे भरोसा है कि यह दूरदर्शिता भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी आगे ले जाएगी।”

सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम नीति पर फिर से विचार करने के फैसले, आईबीसी से संबंधित उपायों के माध्यम से कारोबारी सुगमता में सुधार पर ध्यान केन्द्रित करने और कंपनी अधिनियम से आपराधिक प्रावधान हटाने पर श्री शाह ने कहा कि ऐसे फैसलों से आत्म निर्भर भारत की दिशा में पीएम मोदी की भविष्य दृष्टि और उनकी प्रतिबद्धता का पता चलता है।

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने राज्यों की उधारी सीमा बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे उन्हें 4.28 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त संसाधन हासिल होंगे। राज्यों को पूर्व में दी गई निधि पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र अप्रैल में करों के विचलन (हस्तांतरण) के माध्यम से पहले ही 46,038 करोड़ रुपये; राजस्व घाटा अनुदान के 12,390 करोड़ रुपये; और एसडीआरएफ कोष के रूप में 11,000 करोड़ रुपये दे चुका है।




राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र/भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी विभाग की ओर से नवीनतम रिलीज के अनुसार,
  • दक्षिण पश्चिम मॉनसून दक्षिण बंगाल की खाड़ी, निकोबार प्रायद्वीप और अंडमान सागर के कुछ इलाकों में प्रवेश कर गया है।
  • मॉनसून की ऊत्तरी सीमा (एनएलएम) अक्षांश 5 डिग्री उत्तर/ देशांतर 85 डिग्री पूर्व, अक्षांश 8 डिग्री उत्तर/देशांतर 90 डिग्री पूर्व, कार निकोबार, अक्षांश 11 डिग्री उत्तर/देशांतर 95 डिग्री पूर्व पार कर चुकी है।


अगले 3-4 दिनों के दौरानमॉनसून की स्थिति
  • दक्षिण पश्चिम मानसून के अगले 48 घंटे के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, एवं अंडमान प्रायद्वीप के बाकी हिस्सों और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ इलाकों में और आगे बढ़ने के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।



दक्षिण पश्चिम मॉनसून के और आगे बढ़ने से संबंधित लक्षण
  • पिछले 24 घंटे के दौरान निकोबार प्रायद्वीप की अधिकांश जगहों पर बारिश हुई।
  • दक्षिण पश्चिम हवा निचले स्तरों पर तेज (25 नाइट्स तक) हो चुकी है और दक्षिण अंडमान सागर, निकोबार प्रायद्वीप एवं दक्षिण बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्सों में दक्षिणी अक्षांश तक यह हवा गहराई (6 किलोमीटर तक ) ले चुकी है।
  • दक्षिण बंगाल की खाड़ी और निकोबार प्रायद्वीप से सटे दक्षिण अंडमान सागर में 15 मई के बाद से बादल छाया हुआ है।

इस क्षेत्र में उपग्रह (इनसैट-3डी) से मिली जानकारी के अनुसार निर्गामी दीर्घ लहर प्रसारण 200 डब्ल्यू/ वर्ग मीटर से कम है।

अगले 5 दिन के दौरान अंडमान एवं निकोबार प्रायद्वीप के लिए पूर्वानुमान और चेतावनी
  • अंडमान एवं निकोबार प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी बारिश का भी पूर्वानुमान है।

♦ दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आस-पास के क्षेत्र में बना अत्यधिक कम दवाब का क्षेत्र पिछले 06 घंटों के दौरान व्यावहारिक रूप से स्थिर रहा और तीव्रता के साथ एक चक्रवाती तूफान "अम्फन" (उचाचरण अम–पन) में बदल गया। यह आज 16 मई, 2020 को 1730 बजे आईएसटी, अक्षांश 10.9° उत्तर और देशांतर 86.3° पूर्व, पारादीप (ओडिशा) से लगभग 1040 किमी दक्षिण, दीघा (पश्चिम बंगाल) से 1200 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और खेपुपारा (बांग्लादेश) से 1300 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम के उसी क्षेत्र में केन्द्रित है। इसके 12 घंटे के दौरान एक गंभीर चक्रवाती तूफान और 18 मई के सुबह तक एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बनाने की संभावना है। शुरू में 17 मई तक इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है और फिर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर – उत्तर–पूर्व की ओर दिशा बदलते हुए 18 से 20 मई 2020 के दौरान पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के समीपवर्ती तटों की ओर बढ़ सकता है।


♦ इसके प्रभाव से, दक्षिण-पूर्व और इससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की सम्भावना है, हवा की गति बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। सम्भावना है कि 17 मई की सुबह पूर्वी मध्य और इससे सटे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में 90-100 प्रति घंटे की रफ्तार से तूफ़ान चलने की सम्भावना है, तूफ़ान की गति बढ़कर 110 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है; 18 मई की सुबह मध्य बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भागों में 120–130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफ़ान चलने की सम्भावना है, तूफ़ान की गति बढ़कर 145 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है; 19 मई को मध्य बंगाल की खाड़ी और इससे सटे उत्तर बंगाल की खाड़ी में 155–165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफ़ान चलने की सम्भावना है, तूफ़ान की गति बढ़कर 180 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और 20 मई को उत्तर बंगाल की खाड़ी में 160-170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफ़ान चलने की सम्भावना है, तूफ़ान की गति बढ़कर 190 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। इन अवधि के दौरान मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी जाती है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 18 से 20 मई के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश के तटों पर न जाएं और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें तट पर लौटने की सलाह दी जाती है।


♦ 18 मई और इसके बाद से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों वर्षा/ गरज के साथ वर्षा तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।


♦ अगले 24 घंटों में दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होने की संभावना है


♦ अगले 4-5 दिनों के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ अधिकांश स्थानों पर वर्षा / गरज के साथ वर्षा होने की संभावना है; इसके साथ ही अगले 3 दिनों के दौरान केरल, तटीय और दक्षिण कर्नाटक, लक्षद्वीप और तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।


♦ पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 5 दिनों के दौरान अधिकांश स्थानों पर वर्षा / गरज के साथ वर्षा होने की संभावना है; 19 और 20 मई को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। भारत के उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम रहने की संभावना है।


♦ वर्तमान में राजस्थान, उत्तरी गुजरात, मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 41-44° C है। 19 और 20 मई को राजस्थान और मध्य प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में गर्म हवा चलने की संभावना है।


भारतीय टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने कहा कि उनमें से अभी तक जितने भी बल्लेबाज देखे हैं उनमें से महेंद्र सिंह धोनी सबसे ताकतवर हैं। चैपल 2005 से 2007 तक भारतीय टीम के कोच रहे। उनका कार्यकाल हालांकि विवादों से भरा रहा और कई सीनियर खिलाड़ियों के साथ उनके मतभेद रहे जिसमें तत्कालीन कप्तान और मौजूदा समय में बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली थे।

 चैपल ने  प्लेराइड फाउंडेशन  के साथ फेसबुक पेज पर बात करते हुए कहा, मुझे याद है कि जब मैंने उनको पहली बार बल्लेबाजी करते देखा तो मैं हैरान रह गया था। उस समय वह भारत में सबसे उभरते हुए खिलाड़ी थे। वह काफी अलग तरह से पोजीशन में आकर गेंद को मारते थे। मैंने जितने भी बल्लेबाज देखे हैं उनमें से वो सबसे ताकतवर है। उन्होंने कहा, मुझे उनकी श्रीलंका के साथ खेली गई 183 रनों की पारी याद है। उनकी ताकतवर बल्लेबाजी उस समय बेहतरीन थी। अगला मैच पुणे में था और मैंने धोनी से कहा था कि आप हर गेंद को सीमारेखा के पार पहुंचाने के बजाए शॉट नीचे रखकर क्यों नहीं खेलते। अगले मैच में हम तकरीबन 260 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे थे और अच्छी स्थिति में थे। धोनी ने कुछ दिन पहले जो बल्लेबाजी की थी वह उससे उलट बल्लेबाजी कर रहे थे। चैपल ने कहा, हमें 20 रन चाहिए थे और धोनी ने 12वें खिलाड़ी आरपी सिंह की मदद से मुझसे  छक्का मारने को पूछा मैंने कहा तब तक नहीं जब तक लक्ष्य एक अंक में नहीं आ जाता।


अभिनेत्री और पूर्व ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला ने लॉकडॉउन के बीच एक वर्कआउट चैलेज पेश किया है। उर्वशी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वह ग्रे रंग के स्पोर्ट ब्रा और योग पैंट में हाथों में डंबल लिए नजर आ रही है। फोटो शेयर वेबसाइट पर वीडियो को 826 हजार लाइक मिल चुके हैं। वीडियो के कैप्शन में अभिनेत्री ने लिखा, 'एकाग्रता, प्रेरणा समर्पण!
चलो यह कोई बहाना नहीं है, क्वारांटाइन के दौरान हैशटैगबॉडीबायउर्वशी चुनौती!  मुझे आशा है कि इस समय हर कोई स्वस्थ और मजबूत है। सुरक्षित रहें

हाल ही में उर्वशी ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में पांच करोड़ रूपये दान दिए थे। उन्होंने अपने प्रशंसकों को वर्चुअल डांस म मास्टर क्लास आयोजित करने के बारे में सूचित करने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उनका सेशन उन सभी के लिए निशुल्क है जो अपना वजन कम करना या डांस सीखना चाहते हैं। सेशन में वह जुम्मा, तबाटा और लैटिन डांस सिखाती हैं। टिकटोक पर इस मास्टर क्लास ने उन्हें 180 लाख लोगों के साथ जोड़ा है, और इसके माध्यम से उन्हें 5 करोड़ रुपये मिले, जो उन्होंने दान किए।
भारत प्रत्यर्पण के फैसले के खिलाफ अपील के लिए भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की अर्जी यूके हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। इससे पहले माल्या ने एक बार फिर सरकार से सारा बकाया कर्ज लेने की गुहार लगाई। माल्या ने गुरुवार को ट्विट कर सरकार से कहा कि वे 100 फीसदी बकाया कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को स्वीकर करे और उसके खिलाफ सभी केसों को बंद कर दिया जाए। 

विजय माल्या भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम का करीब 9 हजार करोड़ रुपए का बकाया लेकर मार्च 2016 में देश छोड़कर लंदन भाग गया है। माल्या ने अपने ट्विट में आगे लिखा, 'कूप्या मेरा पैसा बिना शर्त ले लो और मेरे खिलाफ सभी केसों को बंद कर दो।' आपको बता दें कि पिछले महीने ही ब्रिटेन की हाईकोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ विजय माल्या की अपील को खारिज कर दिया था। हाल ही में माल्या ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

शुक्रवार, 15 मई की सुबह 4.30 बजे बद्रीनाथ जी के कपाट खुल गए। इसके लिए गुरुवार को रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी और धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल के साथ पांडुकेश्वर निकली यात्रा बद्रीनाथ पहुंच गई है। उद्धवजी, कुबेरजी, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ी यानी तिल के तेल का कलश बद्रीनाथ धाम पहुंच गए हैं। लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए इस यात्रा में शासन-प्रशासन, मंदिर समिति और कुछ क्षेत्र के कुछ ही लोग शामिल थे। पांडुकेश्वर से बद्रीनाथ की दूरी करीब 22 किमी है।


जोशी मठ एसडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बार कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन के नियमों का पालन बद्रीनाथ में भी होगा। कपाट खुलते समय यहां बहुत कम लोगों को रहने की अनुमति दी गई है। यहां रावल, धर्माधिकारी, टिहरी नरेश के प्रतिनिधि, मंदिर समिति के 33 प्रतिशत से भी कम लोग और कुछ ही अनुमति प्राप्त क्षेत्रवासियों को मंदिर में जाने दिया जाएगा।
पिछले महीने बॉलीवुड जाने-माने अभिनेता ऋषि कपूर इस दुनिया को छोड़ गए। कई सालों तक कैंसर जैसी बीमारी से जंग लड़ने के बाद आखिरकार वह हार गए। वह एक शानदार ऐक्टर और बेबाक शख्सियत ही नहीं बल्कि एक अच्छे पारिवारिक इंसान भी थे। उनके बेटे रणबीर कपूर और आलिया भट्ट इन दिनों बॉलीवुड के चर्चित कपल्स की लिस्ट में टॉप पर हैं। दोनों के ही फेस जल्द से जल्द उन्हें शादी के बंधन में बंधते देखना चाहते हैं। कुछ ऐसा ही ऋषि कपूर भी चाहते थे। कई इंटरव्यूज में ऋषि कपूर ने अपने जीते जी रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की शादी होते देखने की इच्छा जताई थी। 

   रणबीर और आलिया की 'प्राइवेसी' वाली शादी के लिए तैयार थे। एक ऐसी शादी जिसमें कम से कम लोग आएं। यह बात ऋषि कपूर की जीवनी 'खुल्लम खुल्ला' की लेखिका मीना अय्यर ने की बताई है। मीना ने बताया, 'एक इंटरव्यू के दौरान ऋषि कपूर ने मुझसे कहा कि अगर रणबीर एक 'प्रिवेसी' वाली शादी करना चाहे तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वह उन दोनों (रणबीर-आलिया) पर निर्भर करता है। मैं केवल 45 लोगों की उपस्थिति में शादी कराने के लिए भी तैयार हूं। मैं अपने दोस्तों, शुभचिंतकों से रणबीर और आलिया को आशीर्वाद देने के लिए कहूंगा। मैं लोगों से माफी भी मांगूंगा और उन्हें समझा दूंगा कि उन्हें मैंने इसलिए आमंत्रित नहीं किया क्योंकि रणबीर एक निजता को पसंद करने वाला शख्स है और मैं उसका ख्याल करता हूं।' ऋषि कपूर आलिया भट्ट को बहुत पसंद करते थे। आलिया के मन में भी ऋषि कपूर के लिए उतना ही लगाव था। जब ऋषि कपूर का न्यू यॉर्क में इलाज चल रहा था तब आलिया उनसे मिलने गई थीं। इतना ही नहीं अपनी कीमोथेरपी के दौरान भी ऋषि कपूर आलिया को जन्मदिन पर एक अनमोल गिफ्ट देने के बारे में सोच रहे थे। वह गिफ्ट के तौर पर आलिया और रणबीर को अपने साथ बाहर डिनर पर ले जाना चाहते थे।
नगर में छूट होने के साथ साथ लॉक डाउन भी लगा हुआ है। बाजारों में छूट होने बाद भी यहां रौनक अभी नहीं लौटी है। इसके लिए अनुज कुमार ने एक ऑनलाइन वेबसाइट www.mymawana.com लॉन्च की है जिस पर आर्डर करके होम डिलीवरी की व्यवस्था मवाना नगर के लिए की गई है। इसमें नगर के निवासी अपने लैपटॉप या मोबाइल से वेबसाइट पर ऑर्डर कर घर बैठे आवश्यक वस्तुओं को मंगवा सकते है। इसके साथ ही अगर कोई वस्तु वेबसाइट उपलब्ध नहीं है तो इसे मंगवाने के लिए आप इससे संबंधित जानकारी 9818387928 पर अपनी डिटेल्स के साथ व्हाट्स ऐप भी कर सकते है।
इसके लिए आपको कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन राशन व अन्य सामग्री मंगा सकता है। आपको बताते चलें कि अनुज कुमार मवाना नगर के निवासी है। उन्होंने लॉक डाउन के चलते एक वेबसाइट लांच की है। उस वेबसाइट का नाम www.mymawana.com  है। वैसे तो इस वेबसाइट को किसी भी जगह से इस्तेमाल ने लाया जा सकता है लेकिन फिलहाल इसकी सेवा केवल मवाना में दी जाएगी। इस लॉक डाउन काल में वेबसाइट से किराना, डेरी प्रोडक्ट, सीधे आपके घर तक पहुंच बना पाएंगे। 

दुकानदार और ग्राहक दोनों के लिए ये सेवा लाभ देगी। रोज मरां के समान के लिए लोगो को अपने घरों से बाहर निकलना पड रहा है जो संक्रमण को न्योता दे सकता है। www.mymawana.com वेबसाइट के जरिए सभी लोग बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के समान अपने घरों में पा सकेंगें फी। अगर कोई किराना, डेरी प्रोडक्ट की दुकान चलाता है तो ये सब इसमें फ्री रजिस्टर करने के लिए 9818387928 पर संपर्क करके अपना रजिस्ट्रेशन करा सकता है साथ ही अगर कोई इस संबंध में समस्या है तो समाधान करा सकता है इसके साथ घर पर बैठे लोगों को सीधे अपना सामान पंहुचा कर इस विकराल होती महामारी के समय में लोगों को सहयोग पहुंचाने का काम भी कर सकते हैं। 

जैसे ही कोई ग्राहक इस वेबसाइट के माध्यम से सामान मंगवाता है तो दुकानदार के पास तुरंत ही एक मैसेज के जरिये ग्राहक का पूरा ब्यौरा पहुंच जाता है। दुकानदार ग्राहक को फोन करके आर्डर पक्का करता है फिर सामान बिल के साथ सीधे ग्राहक को उनके घर पर पहुचा देता है। आगे बताया कि अगर कोई ग्राहक अपना यहां से कोई समान मंगवाता है तो उसे कार्ट पर क्लिक करके अपना पता सहित सही जानकारी पोर्टल पर भरनी होगी और फिर आप अपनी जरुरत का सामान दुकानदार से सीधे अपने घर पर मंगवा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप इस मोबाइल नंबर +919818387928  करपर संपर्क सकते है।