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श्री रवि शंकर प्रसाद ने भारतीय विज्ञान कांग्रेस-2019 में विज्ञान संचारकों की बैठक का उद्घाटन किया

केंद्रीय विधि एवं न्याय और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2019 के हिस्से के तौर पर आज विज्ञान संचारकों की बैठक का उद्घाटन किया।


इस बैठक का उद्घाटन करने के दौरान श्री रविशंकर प्रसाद ने बहुत खुशी के साथ ये जानकारी दी कि वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत 2015 में जहां 81वें स्थान पर थावहीं 2017 में 60वें स्थान पर पहुंच गया। उन्होंने ये भी सूचना दी कि वैज्ञानिक प्रकाशनों के मामले में भारत अब छठे स्थान पर और पेटेंट दायर करने के मामले में 10वें स्थान पर है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री प्रसाद ने कहा, "प्रौद्योगिकी भुगतानों के लिए भारत अब तीसरा सबसे आकर्षक निवेश स्थल है और भारत में विज्ञान कार्य करने के लिए ये सर्वश्रेष्ठ समय है।" 

कार्यक्रम के दौरान विज्ञान संचारकों की बैठक पर एक स्मारिका पुस्तक भी जारी की गई।

संचार प्रौद्योगिकी में नवाचारों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए श्री प्रसाद ने जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों में डिजिटल भुगतान आठ गुना बढ़कर 2070 करोड़ रुपये पर आ गए हैं। आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के लेन-देन में 2048 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई हैवहीं पिछले 24 महीनों में यूपीआई में भुगतान 1500 गुना बढ़े हैं।

श्री रविशंकर प्रसाद ने प्रदर्शित किया कि कैसे डिजिटल भारत ने शहरी और ग्रामीण भारत के बीच के डिजिटल अंतर को दूर कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत औद्योगिक क्रांति से चूक गयाभारत उद्यम क्रांति से चूक गया लेकिन भारत अब डिजिटल क्रांति से नहीं चूकना चाहता।"

विज्ञान संचारकों की बैठक का उद्देश्य ज्यादा करीब और एकजुट विज्ञान संचार समुदाय को विकसित व निर्मित करना है जो इस देश में सभी हितधारकों को विज्ञान सूचना देने के लिए जिम्मेदार है। इस बैठक का विशेष उद्देश्य विभिन्न विज्ञान संचारकों को साथ लाना है ताकि वे अनुसंधान समुदाय और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने के लिए मौजूदा व नए मीडिया एवं क्षेत्रों के विकास और सर्वोत्तम उपयोग पर चर्चा कर सकें। संचारकों की ये बैठक विज्ञान संचार के पेशेवरों को अवसर मुहैया करवाएगी जिससे वे संचार रणनीतियों पर चर्चा कर सकेंमहत्वपूर्ण प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकेंलोगों के बीच सोचने का वैज्ञानिक तरीका फैला सकें और उन तक विज्ञान की पहुंच सुलभ कर सकें।

विज्ञान संचारकों की बैठक विविध प्रकार के लोगों में विज्ञान के प्रभावी संचार को समझाने और प्रोत्साहित करने के लिए हर साल आईएससी में की जाती है। ये बैठक शिक्षाविदोंविज्ञान पत्रकारोंकार्यकर्ताओंफिल्मकारोंवैज्ञानिकों और दुनिया भर के अन्य संचारकों को अवसर प्रदान करती है कि वे मिलेंविचार करें और अपने विचारों का आदान प्रदान करें कि विज्ञान संचार को कैसे विकसित किया जाए। विज्ञान संचारकों की बैठक का लक्ष्य विज्ञान प्रोत्साहन और संचार के क्षेत्र के विभिन्न रुचि रखने वाले समूहों को साथ लाना है। इस वर्ष विज्ञान संचारकों की बैठक 5 से 6 जनवरी को भारतीय विज्ञान कांग्रेस 2019में आयोजित की जा रही है।
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