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दिल्ली को वायु एवं जल प्रदूषण से मुक्त करने के लिए नौ परियोजनाओं की आधारशिला

केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नौवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने आज नई दिल्ली में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत यमुना संरक्षण के लिए नौ परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

दिल्ली में यमुना नदी के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के द्वारा कुल 11 परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनमें से अधिकांश परियोजनाएं सीवरेज सुविधा के लिए हैं। यमुना कार्य योजना के तीसरे चरण की ये परियोजाएं दिल्ली के कोंडली, रिठाला और ओखला नामक तीन ड्रेनेज जोनों में अवस्थित हैं।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए श्री नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को जल एवं वायु प्रदूषण से मुक्त करने के लिए व्यापक एवं समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का प्रदूषण स्तर चिंता का एक मुख्य कारण है और सभी हितधारकों की सहायता से इस महत्वपूर्ण मुद्दे के समाधान के लिए एक योजना तैयार की गई है।
श्री गडकरी ने कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम की शुरूआत के साथ गंगा नदी की सहायक नदियों की सफाई का कार्य शुरू किया गया था और इन परियोजनाओं के साथ गंगा की सबसे महत्वपूर्ण सहायक नदी- यमुना नदी में गिरने वाली नालियों को रोका जाएगा। छः राज्यों के बीच लखवार बहु-उद्देशीय परियोजना की चर्चा करते हुए, श्री गडकरी ने कहा कि इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली में यमुना की अविरलता में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नदी की सतह की सफाई के लिए ट्रैस स्किमर लगाया गया है।
श्री गडकरी ने कहा कि दिल्ली के अलावा हरियाणा (पानीपत और सोनीपत) और उत्तर प्रदेश (मथुरा-वृंदावन) में भी यमुना की सफाई के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगरा में 180 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता का एक मलजल शोधन संयंत्र (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की मंजूरी भी दी गई है। दिल्ली के विकास के लिए सभी संभव सहायता का आश्वासन देते हुए, उन्होंने सभी हितधारकों से मांग करते हुए कहा कि दिल्ली को जल और वायु प्रदूषण से मुक्त करने के लिए सभी एक साथ मिलकर युद्ध स्तर पर काम करें।
श्री गडकरी ने जोर देकर कहा कि मार्च, 2019 तक गंगा नदी 70 से 80 प्रतिशत साफ हो जाएगी और मार्च, 2020 तक गंगा लगभग पूर्णतः प्रदूषण-मुक्त होगी।
केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री हर्ष वर्धन ने कहा कि यमुना की लम्बाई 1365 किलोमीटर है और दिल्ली में ओखला बैराज से वजीराबाद तक इसकी लम्बाई 22 किलोमीटर है, जो नदी के प्रदूषण के लिए 80 प्रतिशत उत्तरदायी है। उन्होंने दिल्ली के भीतर और बाहर एक्सप्रेस-वे बनाने के लिए श्री गडकरी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि गंगा के संरक्षण के लिए एक जन-आंदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण मंत्रालय ने गंगा के गहन सर्वेक्षण और वास्तविक जल गुणवत्ता निगरानी जैसे मुद्दे पर स्वच्छ गंगा मिशन में सहयोग किया है।
श्री गडकरी को उनकी मदद के लिए धन्यवाद देते हुए, दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि यमुना की सफाई के लिए ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के संघीय ढांचे के लिए काफी महत्वपूर्ण है और विकास के मुद्दे के लिए सभी को एक मंच पर होना चाहिए। श्री केजरीवाल ने कहा कि यमुना की सफाई उनकी भी प्राथमिकता है और उन्होंने मंत्रालय से निरंतर सहयोग की अपेक्षा की।
अतिथियों का स्वागत करते हुए जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्य मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि यमुना की सफाई काफी महत्वपूर्ण है और साथ ही, गंगा की सहायक नदियों की सफाई के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय में सचिव श्री यू.पी. सिंह और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री राजीव रंजन मिश्र भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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