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बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उपयोग के बारे में भारत और साओ टोम एवं प्रिंसिप के बीच समझौता

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उसके इस्तेमाल में सहयोग पर आधारित भारत और साओ टोम व प्रिंसिप के बीच हुए समझौते के बारे में बताया गया। इस समझौते पर 7 सितंबर, 2018 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किये गये थे।

मुख्य विशेषताएं :
  1. इस समझौते से पृथ्वी के दूर-संवेदी क्षेत्र, उपग्रह संचार, उपग्रह खोज, अंतरिक्ष विज्ञान और बाह्य अंतरिक्ष की खोज के बारे के में नई अनुसंधान गतिविधियों और उनके प्रयोग की संभावना का पता लगाने के लिए प्रोत्‍साहन मिलेगा।
  2. इस समझौते से लोगों के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल के क्षेत्र में अऩेक गतिविधियों को संयुक्‍त रूप से आयोजित करने और विकसित करने के कार्य को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार दोनों देशों के सभी हिस्सों और क्षेत्रों को लाभ होगा।
मुख्य प्रभाव :
  1. इस समझौते से पृथ्वी के दूर-संवेदी क्षेत्र, उपग्रह संचार, उपग्रह खोज, अंतरिक्ष विज्ञान और बाह्य अंतरिक्ष की खोज के बारे के में नई अनुसंधान गतिविधियों और उनके प्रयोग की संभावना का पता लगाने के लिए प्रोत्‍साहन मिलेगा। इस समझौते से लोगों के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल के क्षेत्र में अऩेक गतिविधियों को संयुक्‍त रूप से आयोजित करने और विकसित करने के कार्य को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार दोनों देशों के सभी हिस्सों और क्षेत्रों को लाभ होगा।
पृष्ठभूमि :            

  1. भारत के साथ अंतरिक्ष सहयोग के लिए साओ टोम व प्रिंसिप की सरकार के दिलचस्‍पी के बारे में अंतरिक्ष विभाग के विचारों का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय (नवंबर, 2017) और राष्‍ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय एनएससीएस (जनवरी, 2018) के पत्रों के बाद इसरो ने साओ टोम व प्रिंसिप के भौगोलिक स्‍थिति का प्राथमिक अध्‍ययन किया। साओ टोम व प्रिंसिप ने अपने देश में उपग्रह ट्रैकिंग स्‍टेशन की स्‍थापना करने और उसकी वित्‍तीय लागत के बारे में अंतरिक्ष विभाग से विचार करने के लिए भी कहा था। इसरो ने अपने अध्‍ययन के बाद साओ टोम व प्रिंसिप में भारतीय उपग्रह ग्राउंड स्‍टेशन की उपयुक्‍तता के बारे में एनएससीएस को अवगत करा दिया था।

  1. इसके अलावा, मार्च, 2018 के अंतिम सप्ताह में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और साओ टोम व प्रिंसिप की सरकार के मध्‍य एक आशय पत्र (एलओआई) पर हस्‍ताक्षर किए गए। इसमें इसरो का प्रतिनिधित्‍व इसरो के चेयरमैन और साओ टोम प्रिंसिप की सरकार की ओर से वहां के विदेश एवं समुदाय मंत्री ने किया। यह आशय पत्र पर भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए साओ टोम प्रिंसिप में ग्राउंड स्‍टेशन की स्‍थापना और परिचालन के लिए हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
  2. साओ टोम व प्रिंसिप के अधिकारियों के आमंत्रण पर, इसरो की एक विशेषज्ञ टीम ने साओ टोम व प्रिंसिप द्वीपसमूह का दौरा किया और ग्राउंड स्‍टेशन की स्थापना के लिए एक उपयुक्त भू-खंड का चयन किया।  ग्राउंड स्‍टेशन स्थापित करना एक विशेष कार्य है इसलिए उपयुक्‍त प्रौद्योगियों की स्थापना के द्वारा ग्राउंड स्‍टेशन का लाभ प्राप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है। इसलिए दोनों देशों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर करना स्वीकार किया, जिसमें शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उसके इस्तेमाल के क्षेत्र में सहयोग नामक शीर्षक के तहत अंतरिक्ष से जुड़े बहुविध क्रियाक्लाप शामिल हैं।

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